देवता
5 प्रार्थना
निश्चय प्रेम प्रतीति ते,
सत्राणें उड्डाणें हुंकार वदनीं ।
जय देवा हनुमंता ।
श्री गुरु चरन सरोज रज,
ॐ श्री हनुमते नमः॥