महत्व

जन्माष्टमी विष्णु के आठवें अवतार कृष्ण के जन्म का उत्सव है, जो मथुरा में कंस के कारागार में आधी रात को जन्मे। भक्त दिन भर व्रत रखते हैं और भजन गाते हुए मध्यरात्रि तक जागरण करते हैं, जब बाल कृष्ण का अभिषेक कर उन्हें झूले में झुलाया जाता है।

घरों में गोकुल की झाँकियाँ सजती हैं और मंदिर भक्तों से उमड़ पड़ते हैं। महाराष्ट्र में अगली सुबह दही हांडी होती है — जैसे बाल कृष्ण सखाओं संग माखन चुराते थे, वैसे ही मानव पिरामिड मटकी फोड़ते हैं।

कैसे मनाते हैं

  • मध्यरात्रि — कृष्ण जन्म की घड़ी — तक व्रत रखें।
  • बाल गोपाल का अभिषेक-शृंगार कर झूला झुलाएँ।
  • मध्यरात्रि में भजन गाएँ और कृष्ण आरती करें।
  • माखन-मिश्री और पंजीरी का भोग बनाएँ।
  • अगले दिन दही हांडी उत्सव में सम्मिलित हों।

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