पर्व
राम नवमी
अयोध्या में श्रीराम का जन्म — चैत्र नवरात्रि का नौवाँ दिन।
शुक्रवार, 27 मार्च 2026
गुरुवार, 15 अप्रैल 2027
महत्व
राम नवमी विष्णु के सातवें अवतार श्रीराम के मध्याह्न जन्म का उत्सव है, जो अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के घर जन्मे। यह चैत्र नवरात्रि का समापन है — देवी की उपासना का मर्यादा पुरुषोत्तम के आगमन से संगम।
जन्म की घड़ी — दोपहर — में मंदिरों में बाल राम का अभिषेक होता है; रामायण और राम रक्षा स्तोत्र का पाठ होता है, और अयोध्या में लाखों श्रद्धालु सरयू स्नान करते हैं।
कैसे मनाते हैं
- राम चालीसा, राम आरती या रामायण के प्रसंगों का पाठ करें।
- मध्याह्न में बाल राम का अभिषेक और झूलोत्सव करें।
- कई भक्त व्रत रखते हैं, जो दोपहर की पूजा के बाद खुलता है।
- शोभायात्रा और "श्रीराम जय राम जय जय राम" कीर्तन में सम्मिलित हों।
राम की प्रार्थनाएँ
हिन्दी
श्री राम आरती (१)
लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यमहम् ॥
हिन्दी
श्री राम आरती (२)
आरती श्रीरामायणजी की ।
हिन्दी
श्री राम आरती (३)
भय प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशिल्या हितकारी ।
हिन्दी
श्री राम आरती (४)
आरती कीजे, श्री रामचंद्र की,
हिन्दी
श्री राम आरती (५)
श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं ।
हिन्दी
श्री राम चालीसा (१)
गणपति चरण सरोज गहि ।