महत्व

राम नवमी विष्णु के सातवें अवतार श्रीराम के मध्याह्न जन्म का उत्सव है, जो अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के घर जन्मे। यह चैत्र नवरात्रि का समापन है — देवी की उपासना का मर्यादा पुरुषोत्तम के आगमन से संगम।

जन्म की घड़ी — दोपहर — में मंदिरों में बाल राम का अभिषेक होता है; रामायण और राम रक्षा स्तोत्र का पाठ होता है, और अयोध्या में लाखों श्रद्धालु सरयू स्नान करते हैं।

कैसे मनाते हैं

  • राम चालीसा, राम आरती या रामायण के प्रसंगों का पाठ करें।
  • मध्याह्न में बाल राम का अभिषेक और झूलोत्सव करें।
  • कई भक्त व्रत रखते हैं, जो दोपहर की पूजा के बाद खुलता है।
  • शोभायात्रा और "श्रीराम जय राम जय जय राम" कीर्तन में सम्मिलित हों।

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