महत्व

चैत्र पूर्णिमा की हनुमान जयंती अंजनी-पुत्र, केसरीनंदन, पवन के वरदान से जन्मे हनुमान का जन्मोत्सव है — बल और विनम्रता के संगम का साक्षात रूप। राम के प्रति उनकी भक्ति सर्वोच्च मानी जाती है: निःस्वार्थ सेवा।

भक्त इस दिन हनुमान चालीसा के पाठ करते हैं — प्रायः 11 या 108 — और सिंदूर चढ़ाते हैं, क्योंकि हनुमान ने यह जानकर कि सिंदूर से राम कुशल रहते हैं, अपना पूरा शरीर उसी से रंग लिया था।

कैसे मनाते हैं

  • हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करें।
  • हनुमान जी को सिंदूर और चोला चढ़ाएँ।
  • बूंदी या बेसन के लड्डू का प्रसाद अर्पित करें।
  • सुंदरकांड का पाठ करें या सुनें।

कोई व्रत या पर्व न छूटे

ऐप हर दिन का पूरा पंचांग दिखाता है — आज के देव और अवसर के अनुसार चुनी प्रार्थना के साथ — ऑफ़लाइन और मुफ़्त।

Android पर डाउनलोड करें
QR code linking to the app on Google Play अपने फ़ोन पर इंस्टॉल करने के लिए स्कैन करें