पर्व
हनुमान जयंती
परम भक्त का जन्मोत्सव — चालीसा पाठ, सिंदूर और बूंदी का प्रसाद।
गुरुवार, 2 अप्रैल 2026
मंगलवार, 20 अप्रैल 2027
महत्व
चैत्र पूर्णिमा की हनुमान जयंती अंजनी-पुत्र, केसरीनंदन, पवन के वरदान से जन्मे हनुमान का जन्मोत्सव है — बल और विनम्रता के संगम का साक्षात रूप। राम के प्रति उनकी भक्ति सर्वोच्च मानी जाती है: निःस्वार्थ सेवा।
भक्त इस दिन हनुमान चालीसा के पाठ करते हैं — प्रायः 11 या 108 — और सिंदूर चढ़ाते हैं, क्योंकि हनुमान ने यह जानकर कि सिंदूर से राम कुशल रहते हैं, अपना पूरा शरीर उसी से रंग लिया था।
कैसे मनाते हैं
- हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करें।
- हनुमान जी को सिंदूर और चोला चढ़ाएँ।
- बूंदी या बेसन के लड्डू का प्रसाद अर्पित करें।
- सुंदरकांड का पाठ करें या सुनें।