पर्व
दशहरा · विजयादशमी
विजय का दसवाँ दिन — रावण पर राम की, बुराई पर अच्छाई की जीत।
मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026
महत्व
दशहरा — विजयादशमी — नवरात्रि का विजय-समापन है: दशानन रावण पर श्रीराम की विजय, और महिषासुर पर देवी की। संध्या को रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलते हैं — बुराई को लपटों में ढहते देखने जनसैलाब उमड़ता है।
यह दिन शुभारंभ के लिए परम शुभ माना जाता है — नए कार्य, विद्यारंभ, और आयुध पूजा में औज़ारों-वाहनों का सम्मान। कई घरों में शमी के पत्ते स्वर्ण रूप में बाँटे जाते हैं।
कैसे मनाते हैं
- रामलीला देखें और रावण दहन में सम्मिलित हों।
- राम आरती या राम चालीसा का पाठ करें।
- आयुध/शस्त्र पूजा करें — औज़ार, वाहन और यंत्रों का सम्मान।
- नई विद्या या कार्य का शुभारंभ करें; शमी पत्र बाँटें।
राम की प्रार्थनाएँ
हिन्दी
श्री राम आरती (१)
लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यमहम् ॥
हिन्दी
श्री राम आरती (२)
आरती श्रीरामायणजी की ।
हिन्दी
श्री राम आरती (३)
भय प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशिल्या हितकारी ।
हिन्दी
श्री राम आरती (४)
आरती कीजे, श्री रामचंद्र की,
हिन्दी
श्री राम आरती (५)
श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं ।
हिन्दी
श्री राम चालीसा (१)
गणपति चरण सरोज गहि ।