महत्व

दशहरा — विजयादशमी — नवरात्रि का विजय-समापन है: दशानन रावण पर श्रीराम की विजय, और महिषासुर पर देवी की। संध्या को रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलते हैं — बुराई को लपटों में ढहते देखने जनसैलाब उमड़ता है।

यह दिन शुभारंभ के लिए परम शुभ माना जाता है — नए कार्य, विद्यारंभ, और आयुध पूजा में औज़ारों-वाहनों का सम्मान। कई घरों में शमी के पत्ते स्वर्ण रूप में बाँटे जाते हैं।

कैसे मनाते हैं

  • रामलीला देखें और रावण दहन में सम्मिलित हों।
  • राम आरती या राम चालीसा का पाठ करें।
  • आयुध/शस्त्र पूजा करें — औज़ार, वाहन और यंत्रों का सम्मान।
  • नई विद्या या कार्य का शुभारंभ करें; शमी पत्र बाँटें।

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