श्री तुलसी मंत्र
ऊँ त्रिपुराय विद्महे तुलसी पत्राय धीमहि ।
ऊँ त्रिपुराय विद्महे तुलसी पत्राय धीमहि ।
तन्नो: तुलसी प्रचोदयात ॥१॥
महाप्रसाद जननी सर्वसौभाग्यवर्धिनी ।
आधि व्याधि जरा मुक्तं तुलसी त्वाम् नमोस्तुते ॥२॥
कोई प्रार्थना नहीं मिली। देवता का नाम या दूसरी वर्तनी आज़माएँ।
ऊँ त्रिपुराय विद्महे तुलसी पत्राय धीमहि ।
ऊँ त्रिपुराय विद्महे तुलसी पत्राय धीमहि ।
तन्नो: तुलसी प्रचोदयात ॥१॥
महाप्रसाद जननी सर्वसौभाग्यवर्धिनी ।
आधि व्याधि जरा मुक्तं तुलसी त्वाम् नमोस्तुते ॥२॥