महत्व

मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और उत्तरायण के आरंभ का पर्व है — सौर पंचांग से जुड़े गिने-चुने हिन्दू पर्वों में एक। यह सूर्यदेव के प्रति कृतज्ञता है: कटी फ़सल और लौटते लंबे दिनों के लिए।

हर प्रदेश इसे अपने रंग में मनाता है — दक्षिण में पोंगल, पंजाब में एक रात पहले लोहड़ी, गुजरात के आसमान में पतंगें, और महाराष्ट्र में तिल-गुड़: "तिळगूळ घ्या, गोड गोड बोला।"

कैसे मनाते हैं

  • भोर में नदी स्नान करें; सूर्य को अर्घ्य दें।
  • सूर्य मंत्र या आदित्य हृदय का पाठ करें।
  • तिल-गुड़ बाँटें।
  • पतंग उड़ाएँ; खिचड़ी, तिल और गर्म वस्त्रों का दान करें।

कोई व्रत या पर्व न छूटे

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